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लोकसभा अध्यक्ष का बड़ा फैसला आज संभव, बागी सांसदों और डीएमके की मांग पर टिकी निगाहें

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Alam Ki Khabar: लोकसभा अध्यक्ष टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों की संसदीय स्थिति तथा डीएमके की अलग सीट आवंटन की मांग पर आज अहम फैसला ले सकते हैं।

नई दिल्ली, 18 जुलाई।संसद के मौजूदा सत्र के बीच लोकसभा अध्यक्ष आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुना सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसदों की संसदीय स्थिति को लेकर लंबे समय से चल रहे विचार-विमर्श के बाद निर्णय की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष ने इस मामले में संवैधानिक और संसदीय विशेषज्ञों से कई दौर की सलाह ली है ताकि फैसला नियमों और संविधान के अनुरूप हो।

सूत्रों का कहना है कि संसद परिसर में दिनभर इस मुद्दे पर कई बैठकों का आयोजन हुआ, जिनमें बागी सांसदों की मान्यता, दल-बदल कानून के प्रावधान और सदन में उनकी स्थिति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन चर्चाओं के आधार पर अब जल्द निर्णय सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

इसी के साथ लोकसभा अध्यक्ष द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की उस मांग पर भी फैसला ले सकते हैं, जिसमें पार्टी ने कांग्रेस से अलग सीट आवंटित करने का अनुरोध किया है। इस विषय पर भी संसदीय प्रक्रियाओं और परंपराओं के अनुरूप विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, किसी भी निर्णय से पहले कानूनी और संवैधानिक पक्षों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। हालांकि, देर शाम तक लोकसभा सचिवालय या लोकसभा अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की गई थी।

अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ संसद की कार्यवाही पर नजर रखने वाले सभी लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बागी सांसदों की संसदीय स्थिति और डीएमके की मांग पर लोकसभा अध्यक्ष क्या अंतिम निर्णय लेते हैं।

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संसदीय परंपराओं के लिहाज से अहम फैसला

बागी सांसदों की मान्यता और सदन में बैठने की व्यवस्था जैसे विषय केवल राजनीतिक नहीं बल्कि संवैधानिक महत्व भी रखते हैं। ऐसे मामलों में लिया गया निर्णय भविष्य के संसदीय मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है। इसलिए सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर बनी हुई हैं।

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